मुझे कितने तेल से खाना बनाना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Fri 16th Dec 2022 : 17:05

तेल भारतीय भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बगैर भोजन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। लेकिन इन दिनों जब भी सेहत की बात आती है तो तेल की चर्चा जरूर उठती है। यह सवाल भी अक्सर उठता है कि हमें कौन-सा तेल खाना चाहिए? यानी कौन-सा तेल अच्छा है और कौन-सा खराब? कितना खाना चाहिए?


सबसे पहले तो बात करते हैं कि कौन-सा तेल अच्छा है और कौन-सा खराब? इसका सबसे आसान जवाब है- कोई भी तेल अच्छा या बुरा नहीं है। दरअसल, कोई भी तेल अपने आपमें पूरा नहीं है। इसलिए हमें केवल एक ही तेल लगातार नहीं खाना चाहिए। कुछ अरसा पहले नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ न्यूट्रीशन हैदराबाद ने अपनी एक रिसर्च में भी इस बात की अनुशंसा की थी कि हमें हर तीन माह में अपना तेल बदल देना चाहिए।



मैं तो कहूंगी कि हमें तीन माह में ही नहीं, बल्कि लगातार तेल बदलते रहना चाहिए। एक बोतल तेल खत्म होते ही हमें दूसरी तरह का तेल इस्तेमाल करना चाहिए। बल्कि इससे भी बेहतर तो यह होगा कि हमें अपने किचन में कम से कम दो तरह के तेल एक साथ रखने चाहिए। और उन्हें बदल-बदलकर इस्तेमाल करने चाहिए। मसलन, सब्जी सरसों के तेल में बनाएं तो दाल सनफ्लावर के तेल में (या जो भी पसंद हो)।



क्यों बार-बार बदलें तेल?



हर कुकिंग ऑयल अपने आप में विशिष्ट होता है। तेल में तीन तरह के फैट पाए जाते हैं - पॉलीअनसैचुरेटेड फैट (PUFA), मोनोअनसैचुरेटेड फैट (MUFA) और सैचुरेटेड फैट। किसी तेल में कोई ज्यादा रहता है तो किसी तेल में कोई कम। तीनों ही फैट की एक निश्चित मात्रा हमारे शरीर के लिए जरूरी है। न एक सीमा से ज्यादा, न ही बहुत कम। इसीलिए तेलों को बदल-बदलकर खाना एक बेहतर तरीका होता है। इससे तीनों फैट हमारे शरीर को मिलते रहते हैं और उनकी अधिकता भी नहीं होती। इसके अलावा किचन में कम से कम दो तरह के तेल इसलिए भी रखने चाहिए क्योंकि हर तेल डीप फ्राई के लिए अच्छा नहीं होता। उदाहरण के लिए ऑलिव आयल। यह हर तरह से अच्छा है, लेकिन तलने के लिए नहीं। तो डीप फ्राई के लिए मूंगफली, सनफ्लावर या सोयाबीन का तेल इस्तेमाल करें। बघार के लिए सरसों या ऑलिव ऑयल का यूज किया जा सकता है। कभी-कभी घी का भी इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा।


कितना तेल खाएं?


फलां तेल दिल के लिए अच्छा है, फलां नहीं, सब व्यर्थ की बातें हैं। तेल तो कोई सा भी हो, ज्यादा मात्रा में खाने पर सेहत के लिए हानिकारक ही होता है। एक वयस्क व्यक्ति को रोजाना अधिकतम तीन चम्मच तेल ही खाना चाहिए। तीन चम्मच का मतलब है करीब 20 मिली तेल। यानी महीने में लगभग आधा लीटर तेल। अर्थात अगर छोटे-बड़े मिलाकर चार सदस्य हैं तो दो या ढाई लीटर से ज्यादा तेल की खपत नहीं होनी चाहिए। छौंक, अचार, डीप फ्राई सब मिलाकर।



घर की डीप फ्राई चीजें अच्छी होती हैं?


डीप फ्राइड चीजें खाने के शौकीन अक्सर यह तर्क देते हैं कि वे घर पर खाते हैं, बाहर नहीं। इसलिए महीने में एक-दो बार तला हुआ खा सकते हैं। अगर आप 40 पार हो गए हैं तो डीप फ्राइड चीजें खाना तो बंद ही कर दीजिए, चाहे घर की हों या बाहर की। बाहर की चीजें ज्यादा नुकसान करती हैं, लेकिन घर पर खाएंगे तो भी सेहत के लिए नुकसानदायक ही होगा। क्योंकि डीप फ्राइड चीजें खाने का सीधा-सा मतलब होगा अपने रोज के तीन चम्मच तेल के कोटे या महीने के आधा लीटर के कोटे को पार करना। तो ऐसे में दिल हमेशा खतरे में रहेगा।



कैसे बचें बार-बार इस्तेमाल से?



एक बार तलने के लिए इस्तेमाल किए गए तेल को दोबारा बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। रेस्तरां और ढाबे आदि में एक ही तेल को बार-बार इस्तेमाल किया जाता है, इसीलिए जो लोग बाहर खाना खाते हैं, उनको दिल की बीमारी होने की आशंका ज्यादा होती है। घर पर अगर आप इस स्थिति से बचना चाहते हैं तो तलने के लिए छोटी और गहरी कड़ाही का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे तेल कम बचेगा।

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